किसानो की आधी जीत आधी हार ,चार जनवरी को फिर से होगी बैठक |

किसानो की आधी जीत आधी हार ,चार जनवरी को फिर से होगी बैठक |
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केंद्र सरकार द्वारा पारित किये गए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान लगातार कई दिनों से आंदोलन किये जा रहे है | सरकार और किसानो के बिच कई दफा की बातचीत भी हुयी जिसका कोई निष्कर्ष नहीं निकला था | तो वही दूसरी तरफ कल किसानो और सरकार के बिच 8 वि दफा बातचीत हुई
विधान भवन में बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ,खाद्य एवं रेल मंत्री प्यूष गोयल, वाणिज्य मंत्री सोम प्रकाश शामिल थे | सरकार एवं किसान संगठन बिच लगभग 5 घंटे की बतचीत हई जहा सरकार ने किसानो की 4 मागो में से 2 मांगे पूरी कर दी है | किन्तु कृषि कानून वापिस लेने और एमएसपी पर बात नहीं बनी |

50 फीसदी मामला हल है :तोमर |

कृषि मंत्री तोमर सिंह का बोलना था की ,बैठक में दोनों पक्षों की बातचीत काफी मैत्रीपूर्ण थी| सरकार ने हमारी आधी बातें तो मान ली है | बाकि आधी बाते आगे होने वाली बातचीत में हल होने की उम्मीद करता हु | किसान संगठनों ने शांतिपूर्ण बातचीत की जिसकी मैं सरहाना करता हु | ठण्ड काफी कड़ाके की है बुजुर्गो एवं महिलाओ को घर वापस भेजने की भी अपील की |

बैठक से सरकार हई निराश |

विधान भवन में किसानो और सरकार की बातचीत में सरकार को किसानो से बात बनने की उम्मीद थी | लेकिन किसान अपनी ज़िद पर अड़े रहे साथ ही साथ सरकार को ये भी उम्मीद थी| किसान सरकार की बात मान कर अपना ये आंदोलन खत्म कर देगी| और नए वर्ष पर अपने परिवार के साथ खुशिया मनाएंगे | पर सरकार की मंशा पूरी नहीं हो पायी किसानो ने अपनी मांगे एक एक कर सामने राखी और अंत तक अपनी मागो पर टिके रहे | नए वर्ष पर भी किसान दिल्ली की सड़को पर आंदोलन करते ही दिखेंगे |

सरकार की चाय तो मंजूर की, किन्तु खाना अपने लंगर का ही खाया |

तो वही दूसरी तरफ जहा किसानो द्वारा सरकार की किसी भी चीज़ को स्वीकार्य नहीं किया जा रहा था | किन्तु बुद्धवार को हुयी बैठक में किसानो ने सरकार द्वारा दी गयी चाय को मंजूर किया, किन्तु खाना अपने लंगर का ही खाया | दो घंटे बातचीत के बाद किसानो ने सरकार की चाय तो मंजूर कर ली| किन्तु खाना सिंधु बॉर्डर से आये लंगर का खाया | केंद्रीय मंत्रियो ने भी किसानो के साथ लंगर का खाना खाया उसके बाद ही बैठक शुरू की |

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