सोफिया ने हटाया बुर्का, रैप सिंगर बनकर ला दी देश में क्रांति।

सोफिया ने हटाया बुर्का,  रैप सिंगर बनकर ला दी देश में क्रांति।
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अभी तक अपने महिलाओं की बहादुरी के कई किस्से सुने होंगे। लेकिन क्या अपने कभी ऐसे रैप सिंगर का नाम सुना जिन्होंने 22 साल तक खुद को बुर्के में रखा था और अचानक एक दिन उन्होंने उस लिबाज़ को अपने जीवन से उतार दिया जो उनकी पहचान और क़ाबिलियत को छिपाए बैठा था। आज उन्होंने अपने रूप को इतना बदल दिया जिसे देखकर कोई नहीं कह सकता कि उसने कभी बुर्का भी पहना होगा। जी हाँ हम बात कर रहे हैं चेन्नई की रहने वाली और क्रन्तिकारी सिंगर सोफिया अशरफ की। सोफिया का जन्म 1987 में तमिलनाडु में एक रूढ़िवादी मलयाली मुस्लिम घराने में हुआ था। छोटे कटे बाल, शरीर पर टैटू , रॉयल अंदाज और गायकी से दुनिया बदलने का जज्बा ये सब उस सोफिया अशरफ का बदला रूप है, जो कभी एक इस्लामिक समूह के साथ गाती थीं। परम्पराओं को छोड़ा फिर जैसा दिल ने कहा वैसा किया। उन्हें स्क्रिप्ट राइटर की नौकरी मिल गई उन्हें रैपर बनने का भी शौक था। उनकी मेहनत रंग लाने लगी और धीरे-धीरे यह तमिल रैपर अपनी पहचान भी बनाने लगीं। अशरफ ने अपने रैप गीत ‘कोडइकेनल वोंट’ के माध्यम से कोडइकेनल मे मल्टीनेशनल कंपनी, ‘यूनीलीवर’ द्वारा लगाए जा रहे मरक्यूरी प्लांट का विरोध किया था। सोफिया की इस क्रांति ने जान जागरण में एक मिशाल कायम की।

यूनीलीवर कंपनी को लिया आड़े हाँथ।

दरअसल, साल 1982 से 2001 तक कोडइकेनल में एक यूनीलीवर कंपनी थी जो थर्मोमीटर बनाने का काम करती थी और यह कंपनी 2001 में बंद हो गई थी, क्योंकि लोगों ने इसका जमकर विरोध किया था। क्योंकि यह कंपनी खराब मर्करी(पारा) को फैक्ट्री के ही पीछे बने एक जंगल में फेंक दिया करती थी। जिसकी वजह एक फिस्फोट हुआ और 15 जानें चली गई क़रीब 600 लोग घायल हुए थे। लेकिन कंपनी ने इन मौतों की जिम्मेदारी लेने से इंकार कर दिया था। ऐसे में सोफिया ने एक रैप गीत लिखा और उसे गाते हुए वीडियो बनाया। सोफिया ने इस वीडियो के माध्यम से पूंजीपतियों को स्पष्ट सदेश देते हुए कंपनी को आड़े हाथ लिया था। इस वीडियो में रैपर ने मृतक परिवारों का दर्द बयां किया था जिसको झटका नाम की कैंपेनिंग ऑर्गेनाइजेशन ने इस वीडियो को शेयर किया था। हॉलीवुड की मशहूर सिंगर-रैपर निकी मिनाज के ‘एनाकोंडा’ गीत की ट्यून पर अशरफ का ये रैप खूब वायरल हुआ था।

भोपाल गैस ट्रेजेडी और मेंस्ट्रुएशन हेल्थ पर भी साधा निशाना।

साल 2008 में सोफिया ने ‘डोन्ट वर्क फॉर डाउ’ रिलीज किया था, इस गाने में 1984 में हुई भोपाल गैस ट्रेजेडी के विक्टिम्स को मुआवजा ना दिए जाने की आलोचना की गई थी। यह लड़ाई अभी यही समाप्त नहीं हुई थी इसलिए आगे उन्होंने ऐसी कई इंडस्ट्रीज पर निशाना साधा और रैप किया जो मैन्यूफैक्चरिंग प्रोडक्ट्स का कचरा साफ करने में नाकाम रहते हैं। सोफिया का मेंस्ट्रुएशन हेल्थ को लेकर भी एक दिलचस्प वीडियो दुनियाँ के सामने आया ,जिसमें सेनिटरी नैपकिन्स से फ़ैल रहे बड़े लेवल के कचरा के बारे में बताया गया है। इस वीडियो में उन्होंने महिलाओं को पीरियड्स में पैड्स, टैंपोन्स और कप यूज करने के बारे में बताया है।लेखक के रूप में भी उनकी एक पहचान है, ए.आर. रहमान के लिए भी उन्होंने रैप लिखा था। सोफिया को क्रांति रैप सिंगर के नाम से भी जाना जाता है दुनिया में उनके इस काम को काफी सराहा जाता है।

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