मैं संतुष्टि के साथ गुडबॉय कह रही हूं, मैं अल्लाह से दुआ करूंगी कि मुझे फिर कभी इंसानों की शक्ल नहीं देखनी पड़े .

मैं संतुष्टि के साथ गुडबॉय कह रही हूं, मैं अल्लाह से दुआ करूंगी कि मुझे फिर कभी इंसानों की शक्ल नहीं देखनी पड़े .
khabar khalifa

प्राचीन समय से ही भारतीय समाज में कई प्रकार की प्रथाएं विद्यमान रही हैं,जिनमें से अधिकांश परंपराओं का सूत्रपात किसी अच्छे उद्देश्य से किया गया था। वहीं दूसरी ओर कुछ परंपराएं ऐसी भी हैं जो बदलते समय के साथ ही साथ अधिक विकराल रूप लेती जा रही हैं. जैसे दहेज़ प्रथा ,उत्तरवैदिक काल में प्रांरभ हुई यह परंपरा आज अपने घृणित रूप में हमारे सामने खड़ी है। जिसने ना जाने कितने ही परिवारों को अपनी चपेट में लिया है, जिसका रूप पहले ऐसा नहीं था। लड़की का पिता उसे ससुराल विदा करते समय तोहफे और कुछ धन देता था, लेकिन अब यही धन वैवाहिक संबंध तय करने का माध्यम बन गया है. वर पक्ष मुंहमांगे धन की आशा करने लगे हैं उनके अनुसार दहेज ना मिलने पर स्त्री का शोषण किया जाता है, मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है। यही कारण है कि हर विवाह योग्य युवती के पिता को यही डर सताता रहता है ,कि अगर वह दहेज नहीं दे पाया तो उसकी बेटी के विवाह में परेशानियां तो आएंगी ही, साथ ही ससुराल में भी उसे आदर नहीं मिल पाएगा।

आयशा ने मरने से पहले कही थी ये बात।

“अगर वह मुझसे आज़ादी चाहता है तो उसे आज़ादी मिलनी चाहिए. मेरी जिंदगी यहीं तक है. मैं खुश हूं कि मैं अल्लाह से मिलूंगी. मैं उनसे पूछूंगी कि मैं कहां ग़लत थी? मुझे अच्छे मां-बाप मिले. अच्छे दोस्त मिले. हो सकता है कि मेरे साथ या मेरी नियति में कुछ ग़लत रहा हो. मैं खुश हूं ,मैं संतुष्टि के साथ गुडबॉय कह रही हूं, मैं अल्लाह से दुआ करूंगी कि मुझे फिर कभी इंसानों की शक्ल नहीं देखनी पड़े.” दरअसल यह दर्द भरे बोल उसी आयशा के है जिसने पति की प्रताड़ना से परेशान होकर अहमदाबाद की साबरमती नदी में कूदकर आत्महत्या कर ली।मरने से पहले आयशा ने अपनी दिल की बात एक विडिओ के माध्यम से कही थी। साथ में यह भी कहा था की मेरे मरने के बाद उसके पति को परेशन न किया जाये। आयशा मूल रूप से राजस्थान की रहने वाली थी। ढाई साल पहले ही उसकी शादी जालौर के रहने वाले आरिफ़ के साथ हुई थी। साबरमती रिवरफ्रंट के पुलिस इंस्पेक्टर वीएम देसाई, इस मामले की जांच कर रहे हैं। उन्होंने कहा , “हमें आयशा का फ़ोन मिला है. फ़ोन पर पति के साथ 25 फ़रवरी को हुई 70 मिनट की बातचीत रिकॉर्डेड थी। इस बातचीत के दौरान उनके पति ने कहा, ‘मैं तुम्हें लेने नहीं आऊंगा, तुम्हें मर जाना चाहिए ,उस समय का वीडियो बनाकर मुझे भेजना,उस वीडियो को देखने के बाद ही मुझे तुम्हारे मरने का यक़ीन होगा।

पुलिस ने किया अपराधी को गिरफ़्तार।

पुलिस ने आरिफ खान के खिलाफ IPC की धारा 306 के तहत FIR दर्ज की है। IPC की धारा 306 का मतलब होता है-खुदकुशी के लिए उकसाना. किसी को खुदकुशी के लिए उकसाना। आयशा के पिता लियाकत मकरानी आरोप लगाते हैं कि आरिफ़ और उनके परिवार वालों ने दस लाख रूपये की मांग रखी थी। उन्होंने बताया, “जब आयशा गर्भवती हुई तब उसके सास ससुर ने दस लाख रूपये दहेज लाने को कहा, मैंने उन लोगों से कहा कि हमारे पास दस लाख रूपये नहीं है तो वे आयशा को हमारे घर पर छोड़ गए थे.””उन लोगों ने मुझे और मेरे बेटों को गालियां दी,जब आयशा ने उसे रोकने की कोशिश की तो आरिफ़ ने गुस्से में आकर आयशा की पेट पर लात मार दी वापस जाने से पहले उन लोगो ने कहा था कि जब 10 लाख रुपये का इंतज़ाम हो जाए तभी बेटी को वापस भेजना.” आपको बता दे कि दिसंबर, 2020 में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना संक्रमण के दौरान दुनिया भर में करीब 1.5 करोड़ महिलाओं को घरेलू हिंसा का सामना करना पड़ा था। तो अब देखना यह होगा की आईशा को किस तरह से इंसाफ मिलेगा और मामले पर क्या कार्यवाही होगी ?

khabar khalifa

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *