दबंगो ने छीना नामांकन पर्चा ,शिकायत करने पर थानेदार ने फटकारकर भगाया।

दबंगो ने छीना नामांकन पर्चा ,शिकायत करने पर थानेदार ने फटकारकर भगाया।
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जिला बस्ती का बहादुरपुर विकास खंड इस चुनाव को लेकर काफी चर्चा में है। यहाँ चुनाव के नामांकन के दौरान एक बड़ी ख़बर सामने आई है। जी हाँ बस्ती जिले के धरौली ग्रामसभा से प्रधानी पद के लिए नामांकन करने जा रहे प्रत्याशी से बुलेट सवार कुछ दबंग उसका पर्चा लेकर भाग गए। सूत्रों के अनुसार प्रत्याशी के द्वारा सरायइनायत थाने में इसकी शिकायत करने पर थानेदार ने उसे फटकार कर भगा दिया। देर रात मामला निर्वाचन आयोग के साथ ही पुलिस और प्रशासन के आला अफसरों तक पहुंचा तो रातों-रात सरायइनायत इंसपेक्टर को लाइन हाजिर कर दिया गया। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।

ऐसे दिया गया वारदात को अंजाम।

दरअसल बहादुरपुर विकास खंड के धरौली ग्रामसभा से राममूरत को नामांकन पर्चा दाखिल करना था। शनिवार को अपने छोटे भाई हरीलाल और शंकरालाल के साथ पर्चा दाखिल करने विकास खंड कार्यालय पहुंचा। राममूरत ब्लाक कार्यालय के सामने से पर्चा लेकर भीतर प्रवेश कर ही रहा था कि एक युवक मास्क लगाए उसके पास आया और पर्चे की मूल कॉपी छीनकर भागने लगा। कुछ ही दूर पर उसका दूसरा साथी बुलेट स्टार्ट कर मौजूद था। पर्चा छीनने के बाद युवक दोस्त की की बुलेट पर बैठा और दोनों वहां से फरार हो गए। राममूरत ने शोर मचाया तो आसपास मौजूद लोग वहां पहुंचे। हालांकि तब तक बुलेट सवार नौ दो ग्यारह हो चुके थे। राममूरत का आरोप है कि अपनी शिकायत लेकर सरायइनायत थाने पहुंचे तो इंसपेक्टर संजय द्विदेदी ने उसे फटकार कर भगा दिया। लेकिन मामला जिला निर्वाचन आयोग, पुलिस और प्रशासन के आला अफसरों के साथ ही शासन तक से ट़्वीटर पर शिकायत की। इससे अफसरों में हड़कंप मच गया।

इंसपेक्टर संजय को किया गया लाइन हाजिर।

आपको बता दें कि इंसपेक्टर संजय कि इस लापरवाही की वजह से लाइन हाजिर कर दिया गया जिसके बाद एसआई राजेश उपाध्याय को थाने की कमान दी गई है। पूरे मामले की जांच भी कराई जा रही है। पीड़ित राममूरत की ओर से अज्ञात आरोपियों के खिलाफ सीओ फूलपुर को तहरीर दी गई है।

2010 के पंचायत चुनाव में भी हुई थी ऐसी वारदात।

राममूरत का आरोप है कि 2010 के पंचायत चुनाव में भी उसे पर्चा दाखिल करने से रोकने का प्रयास किया गया था। नहीं मानने पर चुनाव बाद दो नवंबर 2010 को गांव में फायरिंग और जमकर मारपीट हुई थी। मारपीट में  कई लोग जख्मी हुए थे। घटना में पुलिस ने दोनों पक्ष की ओर से क्रॉस रिपोर्ट दर्ज की थी। उस वक्त हंडिया के पूर्व विधायक स्वर्गीय महेश नारायण सिंह, उनके भाई हरिनारायण सिंह समेत परिवार के कई लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया था। दूसरे पक्ष के भी कई लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। गांव में कई दिनों तक पीएसी भी तैनात रही थी। 


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